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गुना।  गुना पुलिस अधीक्षक ने जिले के कई थानों में उप निरीक्षक, प्रधान आरक्षक और आरक्षकों का फेर बदल किया है। देखें सूची 

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गुना। गुना कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक राजकुमार शर्मा और उनकी टीम द्वारा विगत दिनों शहर की विध्यांचल कॉलोनी में हुई प्राणघातक हमले के गंभीर मामले के मुख्य आरोपी संतोष किरार को गिरफ्तार करने में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है ।
उल्लेखनीय है कि दिनांक 04 जून 2026 को फरियादी नरेश चौकसे उम्र 45 वर्ष निवासी विध्यांचल कॉलोनी गुना ने जिला अस्पताल में उपचार के दौरान पुलिस को रिपोर्ट करते हुए बताया था कि आज दिनांक 04 जून 2026 के सुबह वह मंदिर से स्कूटी द्वारा अपने घर लौट रहा था । इसी दौरान वंदना स्कूल के पास गली में संतोष किरार, सूरज किरार, श्रीराम किरार एवं एक अन्य साथी ने उसे रोक लिया । पुरानी रंजिश के चलते संतोष किरार ने उसकी स्कूटी पर लाठी से हमला किया, जिससे वह सड़क पर गिर गया । इसके बाद आरोपियों ने लाठी, पाइप एवं फर्सा जैसे घातक हथियारों से उसकी बेरहमी से मारपीट की, जिससे उसे शरीर के विभिन्न हिस्सों में गंभीर चोटें आईं । घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल आरोपीगणों के विरुद्ध गुना कोतवाली में अपराध क्रमांक 269/26 धारा 296(ए), 109(1), 3(5) बीएनएस के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई ।
मुखबिर तंत्र की सहायता से आरोपियों की तलाश में सघन दविशें दी गईं । इसमें मुख्य आरोपी संतोष पुत्र राधेश्याम किरार उम्र 54 साल निवासी ग्राम गुढ़ा थाना फतेहगढ़ जिला गुना को गिरफ्तार कर लिया गया एवं आरोपी से प्रकरण में शामिल अन्य फरार एवं अज्ञात आरोपियों के संबंध में पूछताछ न्यायालय से विधिवत पुलिस रिमाण्ड पर लिया गया है ।
पुलिस जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी संतोष किरार एक आदतन अपराधी है । उसके विरुद्ध पूर्व में जिले के थाना फतेहगढ़, कोतवाली, बमोरी, धरनावदा, राघौगढ़ इत्यादि थानों में हत्या, हत्या का प्रयास, धोखाधड़ी, मारपीट, चोरी, अमानत में खयानत, आर्म्स एक्ट, जुआ एक्ट तथा एससी/एसटी एक्ट जैसी गंभीर धाराओं के कुल 20 आपराधिक मामले दर्ज पाए गए हैं ।
गुना पुलिस द्वारा प्रकरण में फरार अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु लगातार प्रयास किए जा रहे हैं तथा उन्हें भी शीघ्र गिरफ्तार कर वैधानिक कार्यवाही की जाएगी ।
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जन-जन तक पहुंच रहा परिवार नियोजन का संदेश, यूएनएफपीए का विशेष संचार अभियान संचालित
गुना। गुना जिले में परिवार नियोजन, मातृ स्वास्थ्य एवं किशोर स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (यूएनएफपीए) के सहयोग से विशेष संचार अभियान संचालित किया जा रहा है। गुना, यूएनएफपीए समर्थित जिलों में शामिल है, जहां यह अभियान 02 जून 2026 से प्रारंभ होकर 22 जून 2026 तक संचालित किया जाएगा। अभियान के लिए गुना एवं बीनागंज विकासखंडों का चयन किया गया है।
अभियान का मुख्य उद्देश्य समुदाय में स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता बढ़ाना तथा परिवार नियोजन, मातृ स्वास्थ्य एवं किशोर स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर सूचित निर्णय लेने के लिए प्रेरित करना है। इसके अंतर्गत गर्भधारण के बीच उचित अंतराल रखने की आवश्यकता, उपलब्ध आधुनिक गर्भनिरोधक साधनों की जानकारी, सम्मानजनक मातृ स्वास्थ्य सेवाओं का महत्व तथा स्वस्थ समय एवं अंतराल पर गर्भधारण को बढ़ावा देने संबंधी संदेशों का व्यापक प्रसार किया जा रहा है। साथ ही युवाओं एवं समुदाय की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए संवादात्मक एवं सांस्कृतिक रूप से उपयुक्त आईईसी सामग्री का उपयोग किया जा रहा है।
अभियान के तहत संचालित विशेष आईईसी वाहन ऑडियो-विजुअल माध्यमों एवं जनसंपर्क गतिविधियों के जरिए स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण संदेश आमजन तक पहुंचा रहा है। यह वाहन अब तक गुना, म्याना, लेहरघाट, भदौरा, नेतलपुर, बजरंगगढ़, विनायक खेड़ी, छीपोन, भिलेरा, पगारा एवं बेहटाघाट क्षेत्रों में पहुंचकर समुदाय को जागरूक कर चुका है। आगामी दिनों में भी चयनित गांवों एवं समुदायों में यह अभियान जारी रहेगा।
अभियान के सफल संचालन में यूएनएफपीए मध्य प्रदेश के राज्य प्रमुख सुनील थॉमस जैकब तथा डॉ. मेघा गुप्ता का महत्वपूर्ण सहयोग प्राप्त हो रहा है। स्वास्थ्य विभाग एवं यूएनएफपीए के संयुक्त प्रयासों से परिवार नियोजन, मातृ स्वास्थ्य एवं किशोर स्वास्थ्य से संबंधित संदेश जिले के दूरस्थ क्षेत्रों तक प्रभावी रूप से पहुंचाए जा रहे हैं।

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कलेक्ट्रेट कार्यालय में अटैचमेंट का खेल? : महिला कर्मचारी रिलीव, आशुतोष कुशवाह 6 साल से आर्म्स शाखा में जमे
    (सिकंदर जाट)    
गुना। जिला कलेक्ट्रेट में अटैचमेंट के नाम पर मनमानी का बड़ा मामला सामने आया है। सामाजिक न्याय विभाग गुना के दो कर्मचारियों को एक साथ 04/09/2019 कलेक्ट्रेट में अटैच किया गया था, लेकिन सामाजिक न्याय विभाग की मांग पर वापसी के समय एक महिला कर्मचारी को रिलीव कर दिया गया और दूसरे आशुतोष कुशवाह को "काम की अधिकता" का हवाला देकर रोक लिया गया।
शासकीय दस्तावेजों से मिली जानकारी के अनुसार 04/09/2019 को सामाजिक न्याय विभाग गुना से आशुतोष कुशवाह, सहायक ग्रेड-3 और एक महिला कर्मचारी, सहायक ग्रेड-3 को (सिविल सूट /शहरी विकास अभिकरण) और महिला कर्मचारी (नजारत शाखा) कलेक्ट्रेट गुना में अटैच किया गया था। 30/10/2024 को सामाजिक न्याय विभाग के अधिकारी ने जिला कलेक्टर को पत्र लिखकर दोनों कर्मचारियों को मूल विभाग में वापस भेजने की मांग की।
जिला प्रशासन ने महिला कर्मचारी को तुरंत भारमुक्त कर सामाजिक न्याय विभाग भेज दिया। लेकिन आशुतोष कुशवाह को "आर्म्स शाखा में काम ज्यादा है" कहकर रोक लिया गया। आशुतोष कुशवाह आज 04/06/2026 तक कलेक्ट्रेट की आर्म्स शाखा में अटैचमेंट पर पदस्थ हैं। यानी 04/09/2019 से अब तक लगभग 6 साल 9 महीने से लगातार कलेक्ट्रेट में जमे हुए हैं। जबकि नियमानुसार अटैचमेंट अस्थायी व्यवस्था होती है और मूल विभाग मांग करे तो कर्मचारी को रिलीव करना होता है।
आशुतोष कुशवाह के अटैचमेंट के मामले में में जिला प्रशासन सवालों के घेरे में घिर गया है। एक साथ अटैच हुए दो कर्मचारियों में से एक को रिलीव करना और दूसरे को रोकना, जिला प्रशासन की नीयत पर सवाल खड़े करता है? सूत्रों के अनुसार सामान्य प्रशासन विभाग के स्पष्ट निर्देश हैं कि अटैचमेंट 6 महीने से ज्यादा नहीं होना चाहिए। लेकिन आशुतोष के मामले में तो 6 साल से ज्यादा हो गए।
शासकीय दस्तावेजों से मिली जानकारी के अनुसार सामाजिक न्याय विभाग में पहले से स्टाफ कम है। इसके बावजूद एक कर्मचारी आशुतोष कुशवाह को वापस नहीं भेजा जा रहा।इस संबंध में नाम न छापने की शर्त पर बताया कि हमने 30/10/2024 को ही पत्र लिख दिया था। महिला कर्मचारी आ गई, लेकिन आशुतोष को आज तक रिलीव नहीं किया गया। विभाग ने इस संबंध में कई बार पत्राचार किया।
कलेक्ट्रेट में पदस्थ कर्मचारी ने कहा कि ये सरासर गलत है। अगर काम की अधिकता है तो पद स्वीकृत करवाकर भर्ती करें। किसी एक कर्मचारी को सालों तक अटैच रखना नियम विरुद्ध है। उक्त कर्मचारी जो आर्म्स शाखा गुना में पदस्थ है इसके द्वारा महिला के नकल आवेदन के मामले में भी 38 दिन बाद नकल आवेदन पर आदेश कराया गया था, या मामला भी काफी चर्चा में रहा है।
जानकार लोगों को कहना है कि सामाजिक न्याय विभाग जिला पंचायत के अधीन था और बाद में से एक अलग ही विभाग घोषित कर दिया गया। लेकिन यहां का पदस्थ कर्मचारी जिला कलेक्ट्रेट में ना तो अटैच हो सकता ना अपनी सेवा दे सकता है। देखना यह है कि आशुतोष कुशवाह के मामले में जिला प्रशासन क्या सख्त रूख अपनाएगा या फिर वर्षों से चला आ रहा अटैचमेंट का खेल आगे भी जारी रहेगा।
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46 घरेलू गैस सिलेंडर राजसात, ... 07 जून को विद्युत प्रवाह रहेगा बाधित, ...अवैध परिवहन में लिप्त 01 ट्रैक्‍टर-ट्रॉली जब्त
गुना। गुना जिले में घरेलू गैस सिलेंडरों की आमजन को सुगम उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा कालाबाजारी पर रोक लगाने के उद्देश्य से अपर कलेक्टर के न्यायालय में प्रचलित प्रकरण में पारित आदेश दिनांक 29 मई 2026 के अनुसार जनवरी 2026 में सतगुरु गैस एजेंसी, खैराड़ा (मधुसूदनगढ़) से संबंधित 46 घरेलू गैस सिलेंडर खाद्य विभाग के अधिकारियों द्वारा मेडिकल बगीचा एवं श्रीराम कॉलोनी, गुना क्षेत्र से जप्त किए गए थे।
जांच के दौरान संबंधित गैस सिलेंडरों के बिल, बीजक अथवा कैश मेमो मौके पर प्रस्तुत नहीं किए जा सके। प्रकरण में नोटिस जारी कर सुनवाई की गई तथा उपलब्ध तथ्यों के आधार पर निर्णय पारित किया गया। पारित आदेश के अनुसार 46 घरेलू गैस सिलेंडरों को राजसात करते हुए उनकी अनुमानित कीमत 1 लाख 38 हजार रुपये शासन हित में जमा की गई है। साथ ही, राजसात किए गए सिलेंडरों को भारत पेट्रोलियम कंपनी को वापस किए जाने के आदेश भी जारी किए गए हैं। जिला प्रशासन द्वारा घरेलू गैस सिलेंडरों के अवैध भंडारण एवं व्यावसायिक उपयोग के विरुद्ध कार्रवाई लगातार जारी है।
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दिनांक 07 जून को विद्युत प्रवाह रहेगा बाधित
गुना सहायक प्रबंधक, विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड गुना द्वारा जानकारी अनुसार 33 केव्ही गुना, 33 केव्ही भदौरा एवं 11 के.व्ही. इंडस्ट्रियल फीडर पर नवीन सबस्टेशन निर्माण कार्य होने के कारण सुबह 08:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक 33 केव्ही उच्चदाब कनेक्शन (पुराना इंडस्ट्रियल) एवं पुराना इंडस्ट्रियल ऐरिया क्षेत्र का विद्युत प्रवाह बाधित रहेगा। कार्य की आवश्यकता के अनुसार विद्युत कटौती की समयावधि घटाई अथवा बढ़ाई भी जा सकती है।
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अवैध परिवहन में लिप्त 01 ट्रैक्‍टर-ट्रॉली जब्त
गुना जिले में खनिज पदार्थों के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में शनिवार को कुम्भराज क्षेत्र में खनिज परिवहन करने वाले वाहनों का औचक निरीक्षण किया गया।
जिला खनिज अधिकारी सचिन वर्मा ने बताया कि जांच के दौरान रेत का बिना रॉयल्टी के अवैध परिवहन करते पाए जाने पर एक ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त की गईं। जब्त वाहन को थाना कुम्भराज में सुरक्षित रखा गया है। संबंधित वाहन मालिक के विरुद्ध नियमानुसार अर्थदंड की कार्रवाई प्रस्तावित की गई है। कार्रवाई में प्रभारी खनिज निरीक्षक विजय चक्रवर्ती एवं विभागीय अमले द्वारा की गई।
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आरक्षक की बेटी रेलवे ओवरब्रिज से पटरी पर गिरी, काफी देर तक तड़पती रही , लोगों ने अस्पताल पहुंचाया
गुना। गुना शहर कोतवाली थानाक्षेत्र में शनिवार सुबह एक युवती बीजी रोड रेलवे ओवरब्रिज से गिर गई। बताया गया है कि वह आरोन थाने में पदस्थ एक आरक्षक की बेटी है, जो लंबे समय से नीट की तैयारी कर रही थी। युवती को जिला अस्पताल लाया गया, जिसके बाद स्वजन उसे एक निजी अस्पताल ले गए। यहां उसकी गंभीर हालत के चलते भोपाल रेफर कर दिया गया है। पुलिस युवती के ब्रिज से गिरने के कारणों का पता लगा रही है।
जानकारी के अनुसार युवती के पुल से पटरी पर गिरने के समय पटरी पर एक ट्रेन भी खड़ी हुई थी। वहीं दूसरी पटरी से एक इंजन भी गुजर रहा था, जो लोको पायलट ने रोककर खड़ा कर दिया। युवती काफी देर तक पटरी पर ही तड़पती रही। बाद में आसपास मौजूद लोगों ने उसे ऑटो से अस्पताल भेजा।
शहर कोतवाली टीआइ राजकुमार शर्मा ने बताया कि युवती के पुल से पटरी पर गिरने की सूचना पर तुरंत पुलिस बल मौके पर भेजा गया। युवती को रीढ़ की हड्डी में चोट आई हैं, वह कुछ बोल भी नहीं रही है। वह पुल से गिरी या कूदी इसकी जांच की जा रही है। फिलहाल युवती को उच्च उपचार के लिए स्वजन गुना से भोपाल ले गए हैं। युवती के स्वस्थ होने के बाद ही पूरा मामला साफ हो सकेगा। इधर, युवती के स्वजन व मित्रों से मिली जानकारी के अनुसार युवती कुछ दिनों से कोचिंग भी नहीं गई थी।
युवती के पुल से नीचे गिरकर पटरी पर तड़पने के दौरान कुछ लोग एकत्रित हुए। पहले तो लोग कुछ समझ ही नहीं पाए कि आखिर युवती कौन है और पटरी पर कैसे आई। इस बीच युवती की पहचान के भी आसपास के लोगों ने प्रयास किए। लेकिन काफी देर हो जाने और युवती को तड़पता देख आखिरकार मौके पर मौजूद लोगों ने ही मदद की और ऑटो बुलाकर उसे किसी तरह अस्पताल पहुंचाया।

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गुना। गुना शहर के सिटी कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत दिनांक 4/ 6 /2026 को हुए प्राणघातक हमले के संबंध में अभियुक्तगण के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्यवाही एवं वरिष्ठ अधिकारियों से जांच कराए जाने की बात को लेकर आधा सैकड़ा लोगों ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सोपा है

पुलिस अधीक्षक गुना को दिये आवेदन पत्र में लिखा गया कि...
मेरे भाई पर हुए प्राणघातक हमले के संबंध में अभियुक्तगण के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्यवाही एवं वरिष्ठ अधिकारियों से जांच कराए जाने की बात कही गई है।
यह है पूरा आवेदन पत्र...
1. दिनांक 04.06.2026 को लगभग प्रातः 09:30 बजे प्रार्थी का भाई मंदिर से अपने घर वापस आ रहा था। जैसे ही वह वंदना स्कूल के पास गली में पहुँचा, तभी पहले से घात लगाए बैठे संतोष , सूरज , श्रीराम  एवं तीन अन्य अज्ञात व्यक्ति, जो हथियारों से लैस थे, ने पुरानी रंजिश के चलते उस पर हमला कर दिया। संतोष ने प्रार्थी के भाई के सिर पर फरसे से वार किया, जिससे वह स्कूटी से नीचे गिर पड़ा। इसके पश्चात सभी आरोपियों ने उसे माँ-बहन की अश्लील गालियाँ दीं तथा फिर सूरज , श्रीराम  एवं तीन अन्य अज्ञात व्यक्तियों ने फरसा, पाइप एवं डंडों से जान से मारने की नीयत से उसके साथ बेरहमी से मारपीट की। जब प्रार्थी के भाई ने जान बचाकर भागने का प्रयास किया, तब तीन व्यक्तियों ने उसका पीछा कर पुनः उसे पकड़कर मारपीट की, जिससे वह गिर पड़ा।  जिससे उसके सिर सहित शरीर के विभिन्न हिस्सों- दोनों हाथों, कोहनी, पंजों, कंधों, पैरों एवं पीठ पर गंभीर चोटें आईं तथा अत्यधिक रक्तस्राव हुआ।
आरोपियों ने प्रार्थी के भाई को मृत समझकर घटनास्थल छोड़ दिया, जिससे उसे और अधिक गंभीर चोटें आईं। घटना स्थल पर गौतम रघुवंशी एवं प्रार्थी स्वयं पहुँचे तथा स्थानीय लोगों की सहायता से घायल को जिला अस्पताल, गुना में भर्ती कराया गया, जहाँ से उसे आगे के उपचार हेतु इंदौर रेफर किया गया।
2. यह भी उल्लेखनीय है कि उक्त आरोपी  द्वारा पूर्व में भी प्रार्थी के भाई के साथ मारपीट एवं जान से मारने की धमकी दी गई थी, जिसके संबंध में थाना बमोरी में पूर्व FIR क्रमांक 114/2026 एवं 34/2025 दर्ज हैं। प्रार्थी एवं उसके भाई द्वारा बार-बार शिकायतें किए जाने के बावजूद प्रभावी कार्यवाही नहीं की गई, जिसके कारण आरोपियों के हौसले और अधिक बढ़ गए तथा उन्होंने सार्वजनिक स्थान पर दिनदहाड़े जानलेवा हमला किया।
प्रार्थी
संतोष चौकसे पुत्र श्री सीताराम चौकसे
निवासीः विंध्याचल कॉलोनी, गुना (म.प्र.)
मो.: 6260489744

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गुना। गुना शहर का विकास केवल प्लॉट बेचने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि ऐसी व्यवस्थित और सुविधायुक्त कॉलोनियां विकसित हों जहां आम नागरिकों को कम लागत में घर मिल सके और बेहतर जीवन सुविधाएं उपलब्ध हों। कलेक्टर ने गुरुवार को जिले के कॉलोनाइजरों के साथ आयोजित बैठक में यह बात कही।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति का सपना अपना घर होने का होता है, इसलिए कॉलोनी विकास में लाभ कमाने के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी और शहर के सुनियोजित विकास को भी प्राथमिकता देनी होगी। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि नियमों के अनुरूप विकसित कॉलोनियों को प्रशासन का पूरा सहयोग मिलेगा, जबकि अवैध कॉलोनियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर ने कहा कि भविष्य की कॉलोनियों में केवल सड़क, बिजली और पानी ही नहीं बल्कि दैनिक जीवन से जुड़ी सेवाओं की भी व्यवस्था होनी चाहिए। खाना बनाने, कपड़े धुलाई, साफ-सफाई, एसी एवं इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की मरम्मत जैसी सेवाएं कॉलोनी स्तर पर उपलब्ध कराने के मॉडल विकसित किए जाएं, जिससे रहवासियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
बैठक में आधुनिक एवं पर्यावरण हितैषी निर्माण तकनीकों के उपयोग पर विशेष बल दिया। उन्होंने बताया कि भवनों में ऐसी तकनीकें अपनाई जा सकती हैं जिनसे तापमान नियंत्रित रहे, ऊर्जा की बचत हो और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिले। कॉलोनाइजरों से नवाचार आधारित निर्माण को बढ़ावा देने की अपील भी की गई। वैध कॉलोनियों की जानकारी आमजन तक पहुंचाई जाएगी
कलेक्टर ने कहा कि जिले में स्वीकृत एवं वैध कॉलोनियों की जानकारी आम नागरिकों तक पहुंचाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। इससे लोगों में जागरूकता बढ़ेगी और वे वैध परियोजनाओं में ही निवेश या मकान खरीदने को प्राथमिकता देंगे। उन्होंने कहा कि यह पहल अवैध कॉलोनियों की प्रवृत्ति को भी रोकने में मददगार होगी।
बैठक में कॉलोनी विकास से जुड़ी अनुमतियों एवं विभागीय प्रक्रियाओं को सरल बनाने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम विकसित करने पर भी चर्चा हुई। कलेक्टर ने कहा कि इसके तहत एक नोडल अधिकारी के माध्यम से विभिन्न विभागों की प्रक्रियाओं का समन्वय किया जाएगा, जिससे कॉलोनाइजरों को अनावश्यक देरी और बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिलेगी।
बैठक में टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग द्वारा शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में कॉलोनी विकास की प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज, ले-आउट अनुमोदन, स्वीकृति संबंधी प्रावधान तथा प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही रियल एस्टेट (विनियमन एवं विकास) अधिनियम-2016, मध्यप्रदेश एकीकृत टाउनशिप नियम-2026 सहित अन्य संबंधित अधिनियमों की जानकारी भी साझा की गई। एसडीएम द्वारा कॉलोनाइजरों को सभी आवश्यक अनुमतियां प्राप्त करने के बाद ही विकास कार्य शुरू करने की सलाह दी गई। साथ ही अवैध कॉलोनियों के दुष्परिणाम एवं संभावित कानूनी कार्रवाई के संबंध में भी
जानकारी दी गई।
बैठक के दौरान विभिन्न कॉलोनाइजरों ने अपने सुझाव रखे तथा कॉलोनी विकास से जुड़े व्यावहारिक प्रश्नों और शंकाओं को अधिकारियों के समक्ष रखा। अधिकारियों द्वारा सभी बिंदुओं पर विस्तार से जानकारी देकर उनका समाधान किया गया।
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अंतर्राज्यीय नशा तस्कर पति-पत्नि गिरफ्तार, 51 ग्राम स्मैक व मोटरसाइकिल बरामद
गुना।गुना मृगवास थाना प्रभारी उपनिरीक्षक संदीप यादव और उनकी टीम द्वारा राजस्थान तरफ से स्मैक तस्करी करते हुए अंतर्राज्यीय नशा तस्कर पति-पत्नि गिरफ्तार उल्लेखनीय सफलता हासिल की गई है ।
रात मृगवास थाना पुलिस को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि राजस्थान तरफ से हीरो स्प्लेण्डर मोटर सायकिल क्रमांक RJ28 SZ 8069 पर एक महिला-पुरूष नशीला पदार्थ स्मैक लेकर सानई-कुम्भराज के रास्ते मधूसूदनगढ़ तरफ जाने वाले हैं । तत्काल मृगवास थाने से पुलिस की एक टीम रवाना की गई । टीम द्वारा ग्राम बंजारीकला पठार पहुंचकर नाकाबंदी की गई एवं कुछ ही समय बाद मुखबिर के बताए हुलिया अनुसार मोटर सायकिल पर महिला-पुरूष के आने पर पुलिस टीम द्वारा उन्हें घेराबंदी कर रोक लिया गया, पूछताछ पर उनके द्वारा अपने नाम राकेश पुत्र रंगलाल मीना उम्र 33 साल एवं पायल पत्नि राकेश मीना उम्र 33 साल निवासीगण ग्राम पाटड़ी थाना हर्नावदा जिला बांरा राजस्थान के बताये एवं दोंनो का आपस में पति-पत्नि होना बताया । मुखबिर सूचना के आधार पर पुलिस द्वारा उनकी विधिवत तलाशी लेने पर उनके पास से कुल 51.10 ग्राम स्मैक बरामद हुई ।
आरोपियों से बरामद स्मैक अनुमानित कीमत 5.10 लाख रुपये एवं तस्करी में प्रयुक्त मोटर साइकिल कीमती लगभग 90 हजार रुपये सहित कुल कीमती 06 लाख रुपये मूल्य का मसरुका विधिवत जप्त कर आरोपी पति-पत्नि को गिरफ्तार किया गया और जिनके विरुद्ध मृगवास थाने में अपराध क्रमांक 61/26, धारा 8/21 एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है । आरोपियों के स्मैक तस्‍करी से जुड़े अन्य स्त्रोतों एवं संभावित नेटवर्क के संबंध में भी पुलिस द्वारा विस्तृत जांच की जा रही है ।
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अवैध परिवहन में संलिप्त 02 ट्रैक्‍टर-ट्रॉली जब्त
गुना शुक्रवार को गुना शहर क्षेत्र में खनिज परिवहन करने वाले वाहनों का औचक निरीक्षण किया गया। जिला खनिज अधिकारी सचिन वर्मा ने बताया कि जांच के दौरान एम- सैंड का बिना रॉयल्टी के अवैध परिवहन करते पाए जाने पर दो ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त की गईं। जब्त वाहनों को कलेक्ट्रेट परिसर में सुरक्षित रखा गया है। संबंधित वाहन मालिकों के विरुद्ध नियमानुसार अर्थदंड की कार्रवाई प्रस्तावित की गई है। कार्रवाई में प्रभारी खनिज निरीक्षक विजय चक्रवर्ती एवं विभागीय अमले द्वारा की गई।
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गुना मंडी में 8 जून से डाक नीलामी ठप करने की चेतावनी
गुना। गुना कृषि उपज मंडी नानाखेड़ी में आगामी 8 जून से व्यापारिक गतिविधियां पूरी तरह ठप हो सकती हैं। मंडी परिसर में स्थित गोदामों और प्लॉटों का किराया जमा न होने से नाराज संयुक्त गल्ला व्यापार संघ, अनाज तिलहन व्यापारी संघ और ग्रेन मर्चेंट एसोसिएशन ने आगामी 8 जून से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का कड़ा फैसला लिया है। इस संबंध में व्यापारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि मंडी प्रशासन ने उनकी मांगें पूरी नहीं कीं, तो समस्त व्यापारी सामूहिक रूप से डाक नीलामी प्रक्रिया से बाहर रहेंगे।
व्यापारियों ने बताया कि मंडी परिसर के भीतर स्थित किराया गोदाम, लीज गोदाम और शॉप-कम-गोदाम का किराया पिछले काफी समय से मंडी समिति द्वारा जमा नहीं किया जा रहा है। किराया जमा न होने की स्थिति में इस राशि पर लगातार ब्याज बढऩे का खतरा मंडरा रहा है, जिससे व्यापारियों के हर वर्ष के आय-व्यय (जमा-खर्च) का मिलान और ऑडिट प्रभावित हो रहा है।