गुना।गुना तहसील मकसूदनगढ़ स्थित राजस्व कार्यालय में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) राघोगढ़ श्री अमित कुमार सोनी की अध्यक्षता में राजस्व विभाग के कार्यों की प्रगति एवं लक्ष्य पूर्ति की समीक्षा हेतु पटवारी समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में पटवारियों को विभिन्न विभागीय योजनाओं एवं दायित्वों के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।
बैठक के दौरान एसडीएम श्री सोनी द्वारा कलेक्टर गुना के नरवाई जलाने पर प्रतिबंधात्मक आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि आदेश के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित कृषक पर निर्धारित दर से जुर्माना आरोपित किया जाएगा तथा आवश्यक दंडात्मक कार्यवाही भी सुनिश्चित की जाएगी।उन्होंने प्रत्येक पटवारी को प्रतिदिन 25-25 किसान आईडी निर्माण का लक्ष्य निर्धारित कर रात्रिकालीन शिविरों के माध्यम से लक्ष्य की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही, सीएम हेल्पलाइन में लंबित शिकायतों के समयबद्ध एवं संतुष्टि पूर्ण
निराकरण, भू-राजस्व वसूली, अर्थदंड की बसूली तथा डायवर्सन प्रकरणों के शीघ्र निपटान के लिए भी आवश्यक कार्ययोजना बनाने को कहा। प्रत्येक पटवारी को
अर्थदंड वसूली हेतु 10-10 प्रकरणों में नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त भावांतर योजना में अधिक से अधिक कृषकों के पंजीयन हेतु ग्रामीण अंचलों में व्यापक प्रचार-प्रसार करने पर भी बल दिया गया।
उत्कृष्ट कार्यप्रदर्शन हेतु पटवारी नैनी जैन, नरेंद्र चौरसिया, गजराज जाटव एवं हजारीलाल भील को सीएम हेल्पलाइन, फॉर्म रजिस्ट्री एवं भू-राजस्व वसूली
में उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। वहीं, कार्य में लापरवाही बरतने वाले दो पटवारियों के विरुद्ध कार्यवाही
प्रस्तावित करने के निर्देश दिए गए। एसडीएम श्री सोनी ने समापन संबोधन में कहा कि राजस्व कार्य शासन की प्राथमिकता में है और इसकी गति एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करना सभी पटवारियों की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने लक्ष्य पूर्ति में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों को भविष्य में भी प्रोत्साहन देने की बात कही।
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आउटसोर्स कर्मियों का वेतन रोका, श्रमिकों ने बीते चार माह से वेतन न मिलने की शिकायत की
गुना। गुना जिला अस्पताल में सिक्योरिटी, पर्चा बनाने वाले, आया आदि के पद पर आउट सोर्स कंपनियों के कर्मचारी काम कर रहे है। लेकिन आउट सोर्स कंपनियां/ एजेन्सी इन कर्मचारियों का आर्थिक शोषण करने में जुटी हुई है।
अकुशल श्रमिको का प्रतिमाह 12150 रुपए वेतन दिया जाना मप्र सरकार ने निर्धारित किया हुआ है। लेकिन आउट सोर्स पर काम कराने वाली कंपनी और एजेंसियों के लोग से उन कर्मचारियों को पांच बमुश्किल आठ हजार रुपए वेतन दे रहे हैं। न ही उन कर्मचारियों को पीएफ की सुविधा है और न ही किसी भी प्रकार की श्रमिकों को मिलने वाली सुविधाएं।
ऐसा ही एक मामला हाल ही में जिला अस्पताल में काम करने वाली एजेन्सी वर्ल्ड क्लास सिक्योरिटी जिला श्रम कार्यालय में पहुंचा है, जहां इस एजेन्सी के अधीन काम करने वाले श्रमिकों ने बीते चार माह से वेतन न मिलने की शिकायत की है और न ही किसी भी प्रकार की हम जैसे श्रमिकों को सुविधा दी जा रही है।
दीपावली त्यौहार नजदीक है, उनको वेतन तक नहीं मिल पा रहा है। इन कर्मचारियों की शिकायत पर श्रम विभाग ने नोटिस पर नोटिस देने के बाद भी जवाब न देने पर अंतिम नोटिस दिया है, इस नोटिस का जवाब न देने पर जिला श्रम विभाग उक्त सिक्योरिटी एजेन्सी के विरुद्ध श्रम न्यायालय में केस भेज सकता है। (mp news)
जिला अस्पताल में नियमित कर्मचारियों की कमी के चलते सुरक्षा, खान-पान आदि कार्य के लिए टेंडर आमंत्रित किए जाते है। जिनका टेंडर तो बड़ी कंपनियां या एजेंसी लेती है, लेकिन स्थानीय स्तर पर प्रभावशाली लोग उक्त काम को पेटी कान्ट्रेक्टर के रूप में ले लिए जाते हैं।
ऐसा भी इस बार हुआ है खान-पान का ठेका कोलकाता की कंपनी के नाम से है, लेकिन काम स्थानीय लोग कर रहे है। यह कंपनियां और एजेन्सी काम कराने के लिए स्थानीय लोगों को रख तो लेती हैं लेकिन उनको वेतन नहीं दिया जाता है। ऐसा ही अभी जिला अस्पताल में वर्ल्ड क्लास सिक्योरिटी एजेंसी इंदौर का मामला सामने आया है।
इस कंपनी के अधीन जिला अस्पताल में आउट सोर्स पर काम करने वाले लगभग पन्द्रह लोगों को चार माह से वेतन नहीं मिला है। इन लोगों ने जिला श्रम कार्यालय में शिकायत की, उनका कहना था कि श्रमायुक्त द्वारा निर्धारित अकुशल श्रमिकों का वेतन 12150 अर्द्धकुशल का 13146 कुशल 14869 और उच्च कुशल श्रमिकों को 16494 रुपए मिलना चाहिए। लेकिन हम लोगों को निर्धारित वेतन से भी कम यानि नौ हजार की जगह छह से आठ हजार रुपया दी जा रही है। वेतन न मिलने से हम लोगों की आर्थिक स्थिति घड़बडा रही है।
जिला अस्पताल में आया, सफाई कर्मी आदि काम करने वालों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि हमको पांच हजार रुपए हर माह वेतन दिए जाने की बात थी, लेकिन तीन से चार हजार रुपया वेतन दिया जा रहा है, वेतन बढ़ाने की बात कहने पर नौकरी से निकाले जाने की धमकी दी जाती है। जब उनसे पूछा गया कि किसी भी तरह की ग्रेच्युटी या पीएफ काटा जाता है तो उन्होंने कहा कि इसकी हमें कोई जानकारी नहीं है। जब वेतन ही पूरा नहीं दिया जा रहा है तो पीएफ कहां से काटा जाता होगा। इसके साथ ही समय पर वेतन न दिए जाने की बात कही।
बताया गया कि वर्ल्ड क्लास सिक्योरिटी एजेंसी के विरुद्ध शिकायत जब जिला श्रम कार्यालय में हुई तो श्रम अधिकारी आलोक तिवारी ने इस एजेंसी के मुख्यालय को नोटिस भेजा, जिसका जवाब न मिलने पर अंतिम नोटिस श्रम कार्यालय से उक्त एजेंसी को भेजा गया है। आलोक तिवारी ने कहा कि इसका जवाब न मिलने पर एक पक्षीय कार्यवाही के रूप में इस मामले को श्रम न्यायालय क्रमांक-3 में पेश किया जाएगा। उचर जिला अस्पताल का कहना है कि हम तो लगातार संबंधित आउट सोर्स कंपनी या एजेंसी को भुगतान कर रहे हैं।
दैनिक वेतन भोगी श्रमिकों एवं कर्मचारियों का श्रमिकों के वर्ग अनुसार न्यूनतम वेतन, महंगाई भत्ता जो तय है वह मिलना चाहिए। यदि नहीं मिल रहा है तो वो हमारे कार्यालय में आकर शिकायत कर सकता है। वर्ल्ड क्लास सिक्योरिटी एजेंसी को अंतिम नोटिस दिया है. यदि जवाब नहीं आता है तो श्रम न्यायालय में मामला भेज दिया जाएगा।- आलोक तिवारी, जिला श्रम अधिकारी गुना
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