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कलेक्ट्रेट कार्यालय में अटैचमेंट का खेल? : महिला कर्मचारी रिलीव, आशुतोष कुशवाह 6 साल से आर्म्स शाखा में जमे

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कलेक्ट्रेट कार्यालय में अटैचमेंट का खेल? : महिला कर्मचारी रिलीव, आशुतोष कुशवाह 6 साल से आर्म्स शाखा में जमे
    (सिकंदर जाट)    
गुना। जिला कलेक्ट्रेट में अटैचमेंट के नाम पर मनमानी का बड़ा मामला सामने आया है। सामाजिक न्याय विभाग गुना के दो कर्मचारियों को एक साथ 04/09/2019 कलेक्ट्रेट में अटैच किया गया था, लेकिन सामाजिक न्याय विभाग की मांग पर वापसी के समय एक महिला कर्मचारी को रिलीव कर दिया गया और दूसरे आशुतोष कुशवाह को "काम की अधिकता" का हवाला देकर रोक लिया गया।
शासकीय दस्तावेजों से मिली जानकारी के अनुसार 04/09/2019 को सामाजिक न्याय विभाग गुना से आशुतोष कुशवाह, सहायक ग्रेड-3 और एक महिला कर्मचारी, सहायक ग्रेड-3 को (सिविल सूट /शहरी विकास अभिकरण) और महिला कर्मचारी (नजारत शाखा) कलेक्ट्रेट गुना में अटैच किया गया था। 30/10/2024 को सामाजिक न्याय विभाग के अधिकारी ने जिला कलेक्टर को पत्र लिखकर दोनों कर्मचारियों को मूल विभाग में वापस भेजने की मांग की।
जिला प्रशासन ने महिला कर्मचारी को तुरंत भारमुक्त कर सामाजिक न्याय विभाग भेज दिया। लेकिन आशुतोष कुशवाह को "आर्म्स शाखा में काम ज्यादा है" कहकर रोक लिया गया। आशुतोष कुशवाह आज 04/06/2026 तक कलेक्ट्रेट की आर्म्स शाखा में अटैचमेंट पर पदस्थ हैं। यानी 04/09/2019 से अब तक लगभग 6 साल 9 महीने से लगातार कलेक्ट्रेट में जमे हुए हैं। जबकि नियमानुसार अटैचमेंट अस्थायी व्यवस्था होती है और मूल विभाग मांग करे तो कर्मचारी को रिलीव करना होता है।
आशुतोष कुशवाह के अटैचमेंट के मामले में में जिला प्रशासन सवालों के घेरे में घिर गया है। एक साथ अटैच हुए दो कर्मचारियों में से एक को रिलीव करना और दूसरे को रोकना, जिला प्रशासन की नीयत पर सवाल खड़े करता है? सूत्रों के अनुसार सामान्य प्रशासन विभाग के स्पष्ट निर्देश हैं कि अटैचमेंट 6 महीने से ज्यादा नहीं होना चाहिए। लेकिन आशुतोष के मामले में तो 6 साल से ज्यादा हो गए।
शासकीय दस्तावेजों से मिली जानकारी के अनुसार सामाजिक न्याय विभाग में पहले से स्टाफ कम है। इसके बावजूद एक कर्मचारी आशुतोष कुशवाह को वापस नहीं भेजा जा रहा।इस संबंध में नाम न छापने की शर्त पर बताया कि हमने 30/10/2024 को ही पत्र लिख दिया था। महिला कर्मचारी आ गई, लेकिन आशुतोष को आज तक रिलीव नहीं किया गया। विभाग ने इस संबंध में कई बार पत्राचार किया।
कलेक्ट्रेट में पदस्थ कर्मचारी ने कहा कि ये सरासर गलत है। अगर काम की अधिकता है तो पद स्वीकृत करवाकर भर्ती करें। किसी एक कर्मचारी को सालों तक अटैच रखना नियम विरुद्ध है। उक्त कर्मचारी जो आर्म्स शाखा गुना में पदस्थ है इसके द्वारा महिला के नकल आवेदन के मामले में भी 38 दिन बाद नकल आवेदन पर आदेश कराया गया था, या मामला भी काफी चर्चा में रहा है।
जानकार लोगों को कहना है कि सामाजिक न्याय विभाग जिला पंचायत के अधीन था और बाद में से एक अलग ही विभाग घोषित कर दिया गया। लेकिन यहां का पदस्थ कर्मचारी जिला कलेक्ट्रेट में ना तो अटैच हो सकता ना अपनी सेवा दे सकता है। देखना यह है कि आशुतोष कुशवाह के मामले में जिला प्रशासन क्या सख्त रूख अपनाएगा या फिर वर्षों से चला आ रहा अटैचमेंट का खेल आगे भी जारी रहेगा।
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46 घरेलू गैस सिलेंडर राजसात, ... 07 जून को विद्युत प्रवाह रहेगा बाधित, ...अवैध परिवहन में लिप्त 01 ट्रैक्‍टर-ट्रॉली जब्त
गुना। गुना जिले में घरेलू गैस सिलेंडरों की आमजन को सुगम उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा कालाबाजारी पर रोक लगाने के उद्देश्य से अपर कलेक्टर के न्यायालय में प्रचलित प्रकरण में पारित आदेश दिनांक 29 मई 2026 के अनुसार जनवरी 2026 में सतगुरु गैस एजेंसी, खैराड़ा (मधुसूदनगढ़) से संबंधित 46 घरेलू गैस सिलेंडर खाद्य विभाग के अधिकारियों द्वारा मेडिकल बगीचा एवं श्रीराम कॉलोनी, गुना क्षेत्र से जप्त किए गए थे।
जांच के दौरान संबंधित गैस सिलेंडरों के बिल, बीजक अथवा कैश मेमो मौके पर प्रस्तुत नहीं किए जा सके। प्रकरण में नोटिस जारी कर सुनवाई की गई तथा उपलब्ध तथ्यों के आधार पर निर्णय पारित किया गया। पारित आदेश के अनुसार 46 घरेलू गैस सिलेंडरों को राजसात करते हुए उनकी अनुमानित कीमत 1 लाख 38 हजार रुपये शासन हित में जमा की गई है। साथ ही, राजसात किए गए सिलेंडरों को भारत पेट्रोलियम कंपनी को वापस किए जाने के आदेश भी जारी किए गए हैं। जिला प्रशासन द्वारा घरेलू गैस सिलेंडरों के अवैध भंडारण एवं व्यावसायिक उपयोग के विरुद्ध कार्रवाई लगातार जारी है।
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दिनांक 07 जून को विद्युत प्रवाह रहेगा बाधित
गुना सहायक प्रबंधक, विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड गुना द्वारा जानकारी अनुसार 33 केव्ही गुना, 33 केव्ही भदौरा एवं 11 के.व्ही. इंडस्ट्रियल फीडर पर नवीन सबस्टेशन निर्माण कार्य होने के कारण सुबह 08:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक 33 केव्ही उच्चदाब कनेक्शन (पुराना इंडस्ट्रियल) एवं पुराना इंडस्ट्रियल ऐरिया क्षेत्र का विद्युत प्रवाह बाधित रहेगा। कार्य की आवश्यकता के अनुसार विद्युत कटौती की समयावधि घटाई अथवा बढ़ाई भी जा सकती है।
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अवैध परिवहन में लिप्त 01 ट्रैक्‍टर-ट्रॉली जब्त
गुना जिले में खनिज पदार्थों के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में शनिवार को कुम्भराज क्षेत्र में खनिज परिवहन करने वाले वाहनों का औचक निरीक्षण किया गया।
जिला खनिज अधिकारी सचिन वर्मा ने बताया कि जांच के दौरान रेत का बिना रॉयल्टी के अवैध परिवहन करते पाए जाने पर एक ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त की गईं। जब्त वाहन को थाना कुम्भराज में सुरक्षित रखा गया है। संबंधित वाहन मालिक के विरुद्ध नियमानुसार अर्थदंड की कार्रवाई प्रस्तावित की गई है। कार्रवाई में प्रभारी खनिज निरीक्षक विजय चक्रवर्ती एवं विभागीय अमले द्वारा की गई।
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आरक्षक की बेटी रेलवे ओवरब्रिज से पटरी पर गिरी, काफी देर तक तड़पती रही , लोगों ने अस्पताल पहुंचाया
गुना। गुना शहर कोतवाली थानाक्षेत्र में शनिवार सुबह एक युवती बीजी रोड रेलवे ओवरब्रिज से गिर गई। बताया गया है कि वह आरोन थाने में पदस्थ एक आरक्षक की बेटी है, जो लंबे समय से नीट की तैयारी कर रही थी। युवती को जिला अस्पताल लाया गया, जिसके बाद स्वजन उसे एक निजी अस्पताल ले गए। यहां उसकी गंभीर हालत के चलते भोपाल रेफर कर दिया गया है। पुलिस युवती के ब्रिज से गिरने के कारणों का पता लगा रही है।
जानकारी के अनुसार युवती के पुल से पटरी पर गिरने के समय पटरी पर एक ट्रेन भी खड़ी हुई थी। वहीं दूसरी पटरी से एक इंजन भी गुजर रहा था, जो लोको पायलट ने रोककर खड़ा कर दिया। युवती काफी देर तक पटरी पर ही तड़पती रही। बाद में आसपास मौजूद लोगों ने उसे ऑटो से अस्पताल भेजा।
शहर कोतवाली टीआइ राजकुमार शर्मा ने बताया कि युवती के पुल से पटरी पर गिरने की सूचना पर तुरंत पुलिस बल मौके पर भेजा गया। युवती को रीढ़ की हड्डी में चोट आई हैं, वह कुछ बोल भी नहीं रही है। वह पुल से गिरी या कूदी इसकी जांच की जा रही है। फिलहाल युवती को उच्च उपचार के लिए स्वजन गुना से भोपाल ले गए हैं। युवती के स्वस्थ होने के बाद ही पूरा मामला साफ हो सकेगा। इधर, युवती के स्वजन व मित्रों से मिली जानकारी के अनुसार युवती कुछ दिनों से कोचिंग भी नहीं गई थी।
युवती के पुल से नीचे गिरकर पटरी पर तड़पने के दौरान कुछ लोग एकत्रित हुए। पहले तो लोग कुछ समझ ही नहीं पाए कि आखिर युवती कौन है और पटरी पर कैसे आई। इस बीच युवती की पहचान के भी आसपास के लोगों ने प्रयास किए। लेकिन काफी देर हो जाने और युवती को तड़पता देख आखिरकार मौके पर मौजूद लोगों ने ही मदद की और ऑटो बुलाकर उसे किसी तरह अस्पताल पहुंचाया।