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बॉम्बे हाई कोर्ट ने 2006 मालेगांव बम धमाका मामले में अहम फैसला सुनाते हुए चार आरोपियों को आरोपमुक्त कर दिया है। अदालत ने मामले की जांच पर गंभीर टिप्पणी करते हुए कहा कि यह केस अब डेड एंड यानी ऐसे मोड़ पर पहुंच चुका है, जहां से सच्चाई तक पहुंचना मुश्किल नजर आता है। कोर्ट ने यह भी कहा कि जांच एजेंसियों की परस्पर विरोधी कहानियों ने पूरे मामले को उलझा दिया है।
बॉम्बे हाई कोर्ट ने बुधवार को स्पेशल कोर्ट के पिछले साल के आदेश को रद्द कर दिया जिसमें नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) द्वारा दायर चार्जशीट के आधार पर 2006 मालेगांव ब्लास्ट केस में चार आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए गए थे। हाई कोर्ट ने 2006 मालेगांव बम धमाका मामले में चार आरोपियों राजेंद्र चौधरी, धन सिंह, मनोहर नरवरिया और लोकेश शर्मा को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया।
2006 के मालेगांव ब्लास्ट केस में बॉम्बे हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला दिया है। अदालत ने बुधवार को चार आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने वाले आदेश को रद्द कर करते हुए उन्हें बरी कर दिया। मालेगांव में इन धमाकों में 37 लोगों की जान चली गई थी।
हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस चंद्रशेखर और जस्टिस श्याम चांदक की डिवीजन बेंच ने आरोपियों की ओर से एक स्पेशल कोर्ट के सितंबर 2025 के उस आदेश के खिलाफ दायर अपीलों पर यह फैसला सुनाया, जिसमें उनके खिलाफ आरोप तय किए गए थे। हाईकोर्ट के फैसले से इन आरोपियों के खिलाफ मामला बंद हो गया और उनके खिलाफ चल रहा ट्रायल भी खत्म हो गया।
फरवरी 2007 में जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दी गई और बाद में एनआईए ने इसे अपने हाथ में ले लिया। एनआईए ने आगे की जांच के बाद अन्य आरोपियों के साथ-साथ इन चारों को भी आरोपी बनाया था और एक नई चार्जशीट दायर की थी।
अपीलकर्ताओं के वकील ने दो मुख्य दलीलें दीं। पहली, कि NIA कोई भी ऐसा चश्मदीद गवाह पेश करने में नाकाम रही जिसने वास्तव में घटना को अपनी आंखों से देखने का दावा किया हो। दूसरी, कि चार्जशीट में शामिल अन्य आरोपियों को बरी किया जाना पूरी तरह से गैर-कानूनी था। वकील ने यह भी बताया कि उन बरी करने वाले आदेशों को चुनौती देने वाली अलग-अलग आपराधिक अपीलें अभी भी लंबित हैं।
मालेगांव का यह मामला 8 सितंबर 2006 का है, जब इस शहर में हुए सिलसिलेवार धमाकों के बाद अज्ञात लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता, गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम और अन्य कानूनों के तहत मामला दर्ज किया गया था। जांच सबसे पहले महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने की थी, जिसने 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया और दिसंबर 2006 में चार्जशीट दायर की।

 

भोपाल में अब प्रमुख और व्यस्त चौराहों पर धरना-प्रदर्शन, हड़ताल और पुतला दहन जैसे कार्यक्रम आयोजित नहीं किए जा सकेंगे। पुलिस आयुक्त द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत आदेश जारी कर पॉलिटेक्निक चौराहा, आकाशवाणी चौराहा और किलोल पार्क चौराहा सहित आसपास के क्षेत्रों को प्रतिबंधित घोषित कर दिया गया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है और अगले दो महीनों तक प्रभावी रहेगा।
जारी आदेश में साफ किया गया है कि ये सभी चौराहे शहर के मुख्य मार्गों पर स्थित हैं और यहां से एयरपोर्ट, हमीदिया अस्पताल और गांधी मेडिकल कॉलेज जैसे महत्वपूर्ण स्थानों के लिए आवागमन होता है। इन स्थानों पर धरना-प्रदर्शन होने से यातायात बाधित हो जाता है, जिससे आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके साथ ही एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और अन्य आपातकालीन सेवाओं की आवाजाही भी प्रभावित होती है, जो गंभीर स्थिति पैदा कर सकती है।
पुलिस के अनुसार, इन चौराहों पर अक्सर विभिन्न संगठनों और राजनीतिक दलों द्वारा धरना-प्रदर्शन की अनुमति मांगी जाती रही है। लेकिन इन स्थानों पर कोई वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध नहीं होने के कारण प्रदर्शन के दौरान पूरा ट्रैफिक प्रभावित हो जाता है। खासतौर पर पॉलिटेक्निक चौराहा ऐसा प्रमुख बिंदु है, जहां से एयरपोर्ट और बड़े अस्पतालों तक पहुंचने का मुख्य रास्ता गुजरता है। ऐसे में यहां जाम लगने से स्थिति और भी गंभीर हो जाती है।
आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि इन चौराहों पर होने वाले आंदोलनों के कारण वीआईपी और वीवीआईपी मूवमेंट भी प्रभावित होता है। इसके अलावा शहर की सामान्य जनसुविधाएं भी बाधित होती हैं, जिससे कानून-व्यवस्था बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो जाता है।
पुलिस आयुक्त ने साफ किया है कि इस आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। किसी भी संगठन या समूह को इन प्रतिबंधित क्षेत्रों में धरना, प्रदर्शन या पुतला दहन की अनुमति नहीं दी जाएगी।
दरअसल पुलिस प्रशासन का कहना है कि शहर में सुचारू यातायात और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है। आम जनता को होने वाली असुविधा को देखते हुए इन प्रमुख चौराहों को प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित करना आवश्यक हो गया था।

छतरपुर। मध्य प्रदेश के छतरपुर में आपातकालीन सेवा मानी जाने वाली 108 एम्बुलेंस एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। मामला तब सामने आया जब सायरन बजाते हुए दौड़ रही एंबुलेंस में कोई मरीज नहीं, बल्कि एक कॉलेज छात्रा बैठी हुई मिली। बताया जा रहा है कि एंबुलेंस चालक ने निजी काम के लिए सरकारी वाहन का इस्तेमाल किया और छात्रा को बैठाकर ले जा रहा था, जिससे पूरे सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
जानकारी के मुताबिक, एक व्यक्ति की नजर एंबुलेंस के अंदर बैठी लड़की पर पड़ी, जिससे उन्हें शक हुआ। इसके बाद उस व्यक्ति ने तुरंत बाइक से एंबुलेंस का पीछा किया और कुछ दूरी पर उसे रुकवा लिया। जब चालक से पूछताछ की गई तो वह घबरा गया और सफाई देते हुए छात्रा को अपनी बहन बताया, लेकिन वह उसका नाम तक नहीं बता सका। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो मौके पर ही रिकॉर्ड कर लिया गया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
वीडियो सामने आने के बाद लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। आम जनता का कहना है कि जब गंभीर मरीजों को समय पर एंबुलेंस नहीं मिल पाती, तब इस तरह का दुरुपयोग बेहद चिंताजनक है। यह न सिर्फ सेवा की विश्वसनीयता पर सवाल उठाता है, बल्कि आपातकालीन व्यवस्था की निगरानी पर भी गंभीर प्रश्न खड़े करता है। वहीं इस मामले मे सीएमएचओ राजेंद्र प्रसाद गुप्ता ने कहा कि मामला संज्ञान में आया है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।

गुना। फरियादी अनुराग जैन पुत्र शशांक जैन उम्र 30 साल निवासी मानस भवन गली थाना कैन्ट गुना ने रिपोर्ट किया कि मेरा इंडस्ट्रियल एरिया बजरंग दाल मील के पास कुशमौदा में पान मसाला का गोदाम है दिनांक 17/04/2026 को रात को मैं अपने गोदाम का ताला लगाकर घऱ चला गया था फिर अगले दिन मैं गोदाम पर पहुंचा तो देखा कि मेरे गोदाम में लगे ताले वहां नहीं थे फिर मैने अपने गोदाम के अंदर जाकर देखा तो मेरे गोदाम में रखे पहेली पान मसाला की 16 बोरी 10 रूपये वाली और 06 बोरी 20 रूपये वाली और विमल पान मसाला की 02 बोरी 40 रूपये वाली और 03 बोरी 20 रूपये वाली कुल 27 बोरी नहीं मिली फिर मुझे आसपास के सीसीटीव्ही कैमरे चैक करने पर पता चला कि दिनांक 18/04/2026 के रात करीबन 02.00 बजे से 03.30 बजे के बीच कोई अज्ञात चोर रात्रि में मेरे गोदाम का ताला तोडकर गोदाम में रखी पान मसाला की कुल 27 बोरी चोरी कर ले गया।
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गुजरात के व्यापारी का 07 लाख के सूटकेश गायब करने वाला ट्रक चालक गिरफ्तार
गुना राघौगढ़ थाना प्रभारी निरीक्षक अजय जाट एवं उनकी टीम द्वारा एक महत्वपूर्ण सफलता अर्जित की गई है, जिसमें गुजरात के व्‍यापारी के करीब 07 लाख कीमत के सूटकेश गायब कर अमानत में खयानत करने वाले आरोपी ट्रक चालक को महज 24 घंटे के भीतर ही गिरफ्तार कर करीब 07 लाख कीमत के सूटकेश एवं ट्रक जप्त किया गया है ।
उल्लेखनीय है कि फरियादी शैलेश पटेल निवासी गांधीनगर (गुजरात) द्वारा दिनांक 22 अप्रैल 2026 को राघौगढ़ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि उसके द्वारा दिनांक 18 अप्रैल 2026 को उज्जैन के नरवर से ट्रक क्रमांक GJ38 T 0265 में 51 कार्टून (153 नग) सूटकेश, जिनकी कुल कीमत लगभग 10 लाख रुपये थी, अहमदाबाद भिजवाए थे । निर्धारित समय पर माल नहीं पहुंचने पर ट्रक चालक चैतन्य प्रकाश से संपर्क किया गया, जिसने स्वयं को राघौगढ़ में होना बताया, लेकिन बाद में उसका मोबाइल बंद हो गया और वह लापता हो गया । इस पर थाना राघौगढ़ में अपराध क्रमांक 87/26, धारा 316(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई ।
आरोपी ट्रक चालक चैतन्य प्रकाश पुत्र गमनाराम नायक, निवासी लाबिया जिला पाली (राजस्थान) को ट्रक सहित गिरफ्तार कर लिया गया । जांच के दौरान ट्रक से 38 कार्टून में 111 सूटकेश बरामद हुए एवं शेष सूटकेश आरोपी द्वारा बेच देना स्वीकार किया गया । पुलिस ने आरोपी के कब्जे से करीब 07 लाख रुपये कीमत के सूटकेश एवं करीब 15 लाख रुपये कीमत का ट्रक सहित कुल 22 लाख रुपये का मशरूका जप्त कर विधिसम्मत कार्यवाही की गई ।
राघौगढ़ थाना पुलिस की इस सफल कार्यवाही में थाना प्रभारी निरीक्षक अजय जाट, उपनिरीक्षक सहदेव तिर्की, प्रधान आरक्षक भूपेंद्र शर्मा, आरक्षक अमित जाट, आरक्षक बलभद्र चौहान, आरक्षक धर्मेंद्र रावत, आरक्षक पपेंद्र रावत एवं आरक्षक अनुज रघुवंशी की महत्वपूर्ण भूमिका रही ।

 

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जिला बदर आरोपी फिर गिरफ्तार, ...समीक्षा बैठक में कलेक्टर सख्त , परियोजना अधिकारी को नोटिस
गुना। गुना बजरंगगढ़ थाना पुलिस ने जिला बदर आदेश का उल्लंघन करने वाले एक आरोपी के विरुद्ध सख्त कार्यवाही करते हुए उसे जेल भेज दिया है ।
बजरंगगढ़ थाना पुलिस को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई थी कि जिला बदर बदमाश विनोद केवट निवासी नवीन कॉलोनी बजरंगगढ़ प्रतिबंधित अवधि में भी अवैध रूप से गुना जिले की सीमा प्रवेश कर किसी आपराधिक घटना को अंजाम देने की नियत से बीसभुजा देवी मंदिर के पास खेतों तरफ घूम रहा है । इस सूचना के मिलते ही बदमाश की धरपकड़ हेतु पुलिस की एक विशेष टीम द्वारा तत्काल बीसभुजा मंदिर के पास मुखिबर की बताई जगह पर पहुंचकर देखा तो वहां पर मुखबिर की बताए हुलिए का एक व्यक्ति घूमता हुआ दिखा, जो पुलिस को देखकर वहां से भागने का प्रयास करने लगा, परंतु मुस्तैद पुलिस फोर्स द्वारा उसे घेराबंदी कर दबोच लिया गया, जिसने पूछताछ पर अपना नाम विनोद केवट पुत्र खुशाल सिंह केवट (उम्र 38 वर्ष), निवासी नवीन कॉलोनी बजरंगगढ़ जिला गुना का होना बताया ।
गौरतलब है कि आरोपी विनोद केवट पुत्र खुशाल सिंह केवट (उम्र 38 वर्ष), निवासी नवीन कॉलोनी बजरंगगढ़ आदतन अपराधी है, जिसकी आपराधिक गतिविधयों पर अंकुश लगाए जाने के लिए, जिसे गुना जिला दण्डाधिकारी महोदय द्वारा अपने आदेश दिनांक 16 फरवरी 2026 के तहत जिला गुना एवं उससे लगे सीमावर्ती जिला शिवपुरी, अशोकनगर, राजगढ़, विदिशा एवं भोपाल की सीमाओं से 06 माह की अवधि के लिए जिला बदर किया गया था । इसके बावजूद आरोपी के प्रशासनिक आदेश की अवहेलना कर प्रतिबंधित क्षेत्र में बिना किसी पूर्व सूचना या किसी प्रकार की अनुमति लिये बिना पाये जाने पर पुलिस द्वारा उसे गिरफ्तार किया गया एवं जिसके विरूद्ध बजरंगगढ़ थाने में अप.क्र. 43/26, मध्यप्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम की धारा 14 के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना में लिया गया । गिरफ्तारशुदा आरोपी को आज माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया है ।
पुलिस की इस महत्वपूर्ण कार्यवाही में बजरंगगढ़ थाना प्रभारी उपनिरीक्षक कृपाल सिंह परिहार, प्रधान आरक्षक मुकेश पारासर, प्रधान आरक्षक दिलीप कलावत, आरक्षक मुकेश वर्मा, आरक्षक अभयराज रघुवंशी, आरक्षक राजकुमार रघुवंशी, आरक्षक आरिफ खान तथा साइबर सेल से आरक्षक नीलेश रघुवंशी, आरक्षक कुलदीप यादव, आरक्षक राजीव रघुवंशी, आरक्षक नवदीप अग्रवाल, आरक्षक आदित्य कौरव एवं आरक्षक भूपेंद्र खटीक का उल्लेखनीय योगदान रहा है ।
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समीक्षा बैठक में कलेक्टर सख्त , परियोजना अधिकारी को नोटिस
‎गुना कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग एवं
महिला एवं बाल विकास मासिक समीक्षा बैठक का आयोजन कलेक्‍ट्रेट सभागार में
किया गया। बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं की प्रगति, पोषण कार्यक्रमों एवं मातृ-शिशु
स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न बिन्‍दुओं पर विस्‍तार से चर्चा की गई।
बैठक के प्रारंभ में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने
एएनसी पंजीयन में अंतर, विभिन्न हेल्थ इंडिकेटर्स, संचालित योजनाओं, पोषण
सेवाओं तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने
उपस्थित चिकित्सकों से मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने के लिए किए जा
सकने वाले प्रभावी उपायों पर सुझाव भी प्राप्त किए।
बैठक में कलेक्टर ने कहा कि जिले के स्वास्थ्य व्‍यवस्‍थाओं
में सुधार के लिए और अधिक प्रयास करने की आवश्यकता है, ताकि गुना जिले का
नाम प्रदेश के शीर्ष जिलों में शामिल हो सके। उन्होंने गर्भावस्था की शुरुआत से
लेकर प्रसव एवं प्रसव के बाद तक की आवश्यक सेवाओं के लिए एक विस्तृत
एसओपी तैयार करने के निर्देश दिए, जिससे प्रत्येक स्तर पर व्यवस्थित और
गुणवत्तापूर्ण सेवाएं सुनिश्चित की जा सकें।.
समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने विशेष रूप से चांचौड़ा एवं बमोरी विकासखंडों
में सुधार लाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्वास्थ्य
सेवाओं की साप्ताहिक समीक्षा अनिवार्य रूप से आयोजित की जाए तथा किए गए
कार्यों की साप्ताहिक रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। साथ ही आगामी कार्ययोजना पूर्व से
तैयार करने के निर्देश दिये।
खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर कलेक्टर ने संबंधित
अधिकारियों को प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सीएमएचओ को
निर्देशित किया कि कर्मचारियों को स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित कर कार्य कराया जाए,
जिससे जिले की स्वास्थ्य स्थिति में सुधार हो सके।
बैठक में कलेक्टर ने नियमित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा
करने के निर्देश दिए। उन्‍होंने स्पष्ट कहा कि जो कर्मचारी कार्य में लापरवाही
करते हैं, उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई करते हुए वेतन कटौती की कार्रवाई की
जाये।
महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के रिक्त पदों की जानकारी प्राप्त की।
उन्होंने कहा कि रिक्त पदों को शीघ्र भरने की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए, ताकि
सेवाओं का लाभ हितग्राहियों तक समय पर पहुंच सके।
बैठक में जिले में निर्मित हो रहे नवीन आंगनबाड़ी भवनों की प्रगति की
समीक्षा की। बैठक में जानकारी दी गई कि कई भवनों का कार्य वन विभाग से
अनुमति नहीं मिलने के कारण प्रारंभ नहीं हो सका है। इस पर कलेक्टर ने वन
मंडलाधिकारी से समन्वय स्थापित कर आवश्यक अनुमति प्राप्त करने के निर्देश
दिए, ताकि शेष आंगनबाड़ी भवनों का निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जा सके।
बैठक में राघौगढ़ परियोजना अधिकारी के पास आरोन का अतिरिक्त प्रभार
होने के कारण तहसील आरोन में विभिन्न योजनाओं की प्रगति संतोषजनक नहीं
है। इस पर कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित परियोजना अधिकारी
के विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही कलेक्टर ने
निर्देशित किया कि परियोजना आरोन का प्रभार किसी अन्य सक्षम अधिकारी को
सौंपा जाए, ताकि योजनाओं के क्रियान्वयन में गति लाई जा सके और प्रगति में
सुधार सुनिश्चित हो।
बैठक में सीएमएचओ डॉ. राजकुमार ऋषिश्‍वर, सहायक संचालक महिला एवं
बाल विकास विभाग दिनेश चंदेल सहित संबंधित विभागों की अधिकारी
उपस्थित थे।
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डीजे का उपयोग चलित रूप से नहीं होगा और बारात, जुलूसों, पर डीजे का उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधित
गुना। गुना में डीजे पर सख्त नियंत्रण, उल्लंघन पर होगी कड़ी कार्रवाई
‎गुना जिले में बढ़ते ध्वनि प्रदूषण, कानून-व्यवस्था एवं आमजन की सुविधा को
ध्यान में रखते हुए कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा
संहिता 2023 की धारा 163 के अंतर्गत डीजे (ध्वनि विस्तारक यंत्र) के उपयोग को
लेकर विस्तृत आदेश जारी किए गए हैं। यह आदेश 23 अप्रैल 2026 से प्रभावी हो
गया है।
आदेश में उल्लेख किया गया है कि विवाह, धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों
के दौरान डीजे के अत्यधिक उपयोग से ध्वनि प्रदूषण बढ़ रहा है, जिससे आम
नागरिकों के स्वास्थ्य एवं शांति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। इसी को दृष्टिगत
रखते हुए जिले में डीजे के उपयोग पर सख्त नियंत्रण लागू किया गया है।
जारी आदेशानुसार रात्रि 10:00 बजे से सुबह 6:00 बजे तक ध्वनि विस्तारक
यंत्रों का उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। दिन एवं रात्रि के लिए ध्वनि सीमा
निर्धारित की गई है, जिसके अनुसार औद्योगिक क्षेत्र में दिन में 75 डेसिबल एवं
रात्रि में 70 डेसिबल, वाणिज्यिक क्षेत्र में 65 एवं 55 डेसिबल, आवासीय क्षेत्र में 55 एवं
45 डेसिबल तथा शांत क्षेत्र में 50 एवं 40 डेसिबल की सीमा तय की गई है।
आदेश के अनुसार डीजे का उपयोग केवल निजी परिसर, जैसे मैरिज गार्डन
या कवर परिसर (Covered Campus) में ही निर्धारित ध्वनि सीमा के भीतर किया
जा सकेगा। डीजे का उपयोग चलित रूप से नहीं होगा और सार्वजनिक स्थानों,
सड़कों, जुलूसों, रैलियों एवं अन्य खुले स्थानों पर डीजे का उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधित
रहेगा। रात्रि के समय किसी भी प्रकार की अनुमति नहीं दी जाएगी।
किसी भी कार्यक्रम में डीजे संचालन की स्थिति में कार्यक्रम आयोजक, स्थल
स्वामी एवं डीजे संचालक संयुक्त रूप से उत्तरदायी होंगे। डीजे संचालकों को साउंड
डेसिबल मीटर एप या अन्य मान्यता प्राप्त उपकरणों के माध्यम से ध्वनि स्तर

की नियमित जांच करना अनिवार्य होगा, जिससे निर्धारित मानकों का पालन
सुनिश्चित किया जा सके।
यदि किसी कार्यक्रम में डीजे हेतु विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराई जाती है, तो
संबंधित व्यक्ति या संस्था के विरुद्ध भी उल्लंघन की स्थिति में वैधानिक कार्रवाई
की जाएगी। बार-बार उल्लंघन (Repeat Offence) की स्थिति में कठोर दंडात्मक
कार्रवाई की जाएगी।
आदेश के उल्लंघन की स्थिति में डीजे उपकरण एवं वाहन तत्काल जब्त
किए जाएंगे तथा आवश्यकतानुसार कार्यक्रम स्थल को सील भी किया जा सकता
है। साथ ही मोटरयान अधिनियम 1988 के प्रावधानों के विरुद्ध पाए जाने वाले
वाहनों पर पुलिस एवं परिवहन विभाग द्वारा पृथक से कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह आदेश आमजन के स्वास्थ्य, शांति एवं
कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से जारी किया गया है। आदेश का
उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 एवं
अन्य प्रासंगिक धाराओं के अंतर्गत कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। जारी
आदेश आगामी दिनांक 22 जून 2026 तक लागू रहेगा।
यदि कोई व्यक्ति या संस्था इस आदेश में किसी प्रकार की छूट या
शिथिलता चाहती है, तो वह सक्षम प्राधिकारी के समक्ष आवेदन प्रस्तुत कर सकती
है, जिस पर विधिवत विचार कर निर्णय लिया जाएगा।
जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों, आयोजकों एवं डीजे संचालकों से अपील की
है कि वे निर्धारित नियमों का पालन करें एवं शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखने में
सहयोग प्रदान करें।
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विद्युत उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम की बैठक 24 अप्रैल को
‎गुना गुना वृत्त अंतर्गत विद्युत उपभोक्ताओं की विभिन्न समस्याओं के निराकरण
हेतु विद्युत उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम की बैठक का आयोजन दिनांक 24
अप्रैल 2026 (शुक्रवार) को दोपहर 3:00 बजे उपमहाप्रबंधक (एसटीसी-एसटीएम)
कार्यालय, संभाग गुना में किया जाएगा।
इस बैठक में विद्युत आपूर्ति में व्यवधान, स्वीकृत भार या अनुबंधित मांग
में वृद्धि/कमी, नवीन विद्युत कनेक्शन में विलंब, विद्युत बिल, मीटर संबंधी
शिकायतें, नामांतरण/शीर्षक परिवर्तन, उपभोक्ता श्रेणी परिवर्तन में देरी, विद्युत
आपूर्ति का विच्छेदन एवं पुनः संयोजन, कनेक्शन स्थानांतरण, वोल्टेज संबंधी
समस्याएं, लोड शेडिंग/निर्धारित कटौती, सुरक्षा धनराशि व ब्याज भुगतान तथा
विद्युत आपूर्ति की विश्‍वतता से संबंधित शिकायतों पर सुनवाई की जाएगी।
जिन उपभोक्ताओं को विद्युत संबंधी कोई शिकायत हो, वे अपनी शिकायत
दर्ज कराकर निर्धारित तिथि पर सुनवाई में उपस्थित हो सकते हैं। साथ ही
उपभोक्ता अपनी शिकायत ऑनलाइन पोर्टल पर भी दर्ज कर सकते हैं और उसकी
स्थिति का अवलोकन कर सकते हैं।

देश

बॉम्बे हाई कोर्ट ने 2006 मालेगांव बम धमाका मामले में अहम फैसला सुनाते हुए चार आरोपियों को आरोपमुक्त कर दिया है। अदालत ने मामले की जांच पर गंभीर टिप्पणी करते हुए कहा कि यह केस अब डेड एंड यानी ऐसे मोड़ पर पहुंच चुका है, जहां से सच्चाई तक पहुंचना मुश्किल नजर आता है। कोर्ट ने यह भी कहा कि जांच एजेंसियों की परस्पर विरोधी कहानियों ने पूरे मामले को उलझा दिया है।बॉम्बे हाई कोर्ट ने बुधवार को स्पेशल कोर्ट के पिछले साल के आदेश को रद्द कर दिया जिसमें...
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गुना। फरियादी अनुराग जैन पुत्र शशांक जैन उम्र 30 साल निवासी मानस भवन गली थाना कैन्ट गुना ने रिपोर्ट किया कि मेरा इंडस्ट्रियल एरिया बजरंग दाल मील के पास कुशमौदा में पान मसाला का गोदाम है दिनांक 17/04/2026 को रात को मैं अपने गोदाम का ताला लगाकर घऱ चला गया था फिर अगले दिन मैं गोदाम पर पहुंचा तो देखा कि मेरे गोदाम में लगे ताले वहां नहीं थे फिर मैने अपने गोदाम के अंदर जाकर देखा तो मेरे गोदाम में रखे पहेली पान मसाला की 16 बोरी 10 रूपये वाली और 06...
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