BREAKING NEWS :
अंडे के ठेले वाले से मारपीट, आमलेट के पैसे मांगने पर 3 युवकों ने किया हमला   |   बोलेरो कार से अवैध देशी/अंग्रेजी शराब की पेटियां बरामद, शराब तस्कर गिरफ्तार   |   फर्जी IAS तृप्ति सिंह का मामलाः टीआई के भाई पर भी दर्ज हुआ केस, कॉल डिटेल से हुआ बड़ा खुलासा   |   उज्जैन की शाही मस्जिद, पथराव तक… 5 सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर गिरफ्तार, उपद्रवियों पर भी शिकंजा   |   मदुरै में CM विजय के कार्यक्रम में 15 लोग बेहोश हुए, मची अफरा-तफरी मची, अस्पताल में भर्ती   |   गणेश पंडाल में गरबा को लेकर खूनी संघर्ष! दो गुटों में पथराव और लाठी-डंडे चले   |   कलयुगी पिता ने 3 मासूम बेटियों के साथ की हैवानियत , पुलिस ने भेजा सलाखों के पीछे   |   CJP ने CEC ज्ञानेश कुमार को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया, इस्तीफा नहीं तो देशभर में आंदोलन की चेतावनी   |   अनंत चतुर्दशी पर दोपहर 2 बजे से रात्रि 12 बजे तक लागू रहेंगे यातायात प्रतिबंध   |   विद्यालय मे घटिया खाने का विरोध करने पर छात्र की बेरहमी से पिटाई, छात्रों ने किया हंगामा, सूचना पर पुलिस पहुची   |   भोपाल में वकीलों का प्रदर्शन, अधिवक्ता से मारपीट के आरोप में TI सस्पेंड   |   41 मौतों के बाद बंडा शराब कांड के ‘किंगपिन’ का एनकाउंटर, साथी भी गिरफ्तार, देशी कट्टे और कारतूस बरामद   |   देश भर में रविवार को भी खुले रहेंगे बैंक, 3 दिन की देशव्यापी हड़ताल के चलते वित्त मंत्रालय का फैसला   |   जुआ खेल रहे 11 जुआरियों पर प्रभावी कार्यवाही, नगदी एवं ताश की गड्डी जप्त   |   एमपी के हर विधानसभा क्षेत्रों में बनेंगे स्टेडियम और हेलीपेड, देखें मोहन कैबिनेट के अहम फैसले

 

 

 

 

 

 

 

 

This website uses cookies to ensure you get the best experience on our website.

More inदेश  

मदुरै (तमिलनाडु). मदुरै में सोमवार को मुख्यमंत्री विजय के एक कार्यक्रम के दौरान 15 से अधिक लोग बेहोश हो गए, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया. बताया गया है कि ये लोग तीन घंटे तक धूप में खड़े रहे और मुख्यमंत्री के पहुंचने पर उनमें धक्का-मुक्की हो गई.
मुख्यमंत्री विजय सोमवार को ताई मामन गोल्ड रिंग स्कीम लॉन्च करने के लिए मदुरै के दौरे पर थे. इस स्कीम का शुभारंभ करने के बाद उन्होंने सरकारी राजाजी हॉस्पिटल में पात्र बच्चों को सोने की अंगूठी पहचनाई. इस कार्यक्रम के लिए बड़ी संख्या में तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) के कार्यकर्ता हॉस्पिटल के सामने इक_ा हुए थे, जिसके लिए पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे. अस्पताल वाली सड़क के दोनों तरफ दो स्तरीय बाड़, बांस के बैरियर और लोहे के बैरियर लगाए गए थे.
सूत्रों ने बताया कि भीड़ को तेज गर्मी और बिना पानी के तीन घंटे तक इंतजार करना पड़ा. जैसे ही मुख्यमंत्री विजय पहुंचे और अस्पताल में दाखिल हुए, एक के बाद एक 15 से ज्यादा लोग बेहोश हो गए. बच्चे, महिलाएं और बड़े एक-एक करके बेहोश होने लगे, मौके पर मौजूद पुलिसवालों ने उन्हें उठाकर अस्पताल में भर्ती कराया.
बेहोश हुए लोगों के परिवार वालों ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के सुरक्षा वाहन अस्पताल के सामने सड़क के बीच में खड़े थे, जिससे इमरजेंसी इलाज के लिए एम्बुलेंस का अस्पताल पहुंचना नामुमकिन हो गया. हालांकि, उन्होंने कहा कि ड्यूटी पर मौजूद पुलिसवालों ने बैरिकेड वाले एरिया में बेहोश हुए लोगों को पानी दिया, फर्स्ट एड दिया और उन्हें दिलासा दिया. इस घटना से अस्पताल के बाहर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई.
तमिलनाडु सरकार की ताई मामन गोल्ड रिंग स्कीम के तहत राज्य के सरकारी अस्पतालों में पैदा होने वाले बच्चों को 1 ग्राम की सोने की अंगूठी दी जाएगी. राज्य के स्वास्थ्य मंत्री अरुण राज, कानून मंत्री निर्मल कुमार, उच्च शिक्षा मंत्री विश्वनाथ, जिला कलेक्टर निशांत कृष्ण, विधायक कार्तिकेयन, कल्लानी, करुप्पैया और अन्य लोग कार्यक्रम में उपस्थित थे.

इंदौर। उज्जैन में सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के बीच शाही मस्जिद यानी मस्जिद मोचियान को लेकर सड़क चौड़ीकरण का विवाद अब मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ तक पहुंच गया है। मस्जिद प्रबंधन की ओर से दायर रिट अपील और उसके समर्थन में दिए गए एफिडेविट में मस्जिद की ऐतिहासिकता, वक्फ संपत्ति के दस्तावेज, सड़क चौड़ीकरण की कार्रवाई और वैकल्पिक रास्तों को लेकर कई महत्वपूर्ण दावे किए गए हैं। दस्तावेज में अपीलकर्ता ने 9 सितंबर 2026 के सिंगल बेंच के आदेश को चुनौती देते हुए अपने पक्ष में विभिन्न संवैधानिक और कानूनी आधार रखे हैं। हाई कोर्ट में सुनवाई पूरी होने के बाद याचिका को डिस्पोज कर दिया गया
एफिडेविट में कहा गया है कि शाही मस्जिद का निर्माण 500 वर्ष से अधिक पुराना है और इसे मुस्लिम समुदाय के लिए मौखिक वक्फ के माध्यम से समर्पित किया गया था। दस्तावेज में मस्जिद की संपत्ति से जुड़े पुराने कानूनी और राजस्व रिकॉर्ड का हवाला देते हुए कहा गया है कि यह संपत्ति लंबे समय से वक्फ के रूप में दर्ज और संरक्षित रही है।
मस्जिद प्रबंधन ने अपने पक्ष में वर्ष 1925 से जुड़े रिकॉर्ड का भी उल्लेख किया है। एफिडेविट के मुताबिक उस समय सड़क चौड़ीकरण के लिए मस्जिद की बाहरी जमीन का हिस्सा ग्वालियर स्टेट द्वारा लिया गया था। इसके बाद राज्य सरकार की ओर से नए गेट, बाउंड्री वॉल और मीनारों के निर्माण की व्यवस्था किए जाने का भी दावा किया गया है।
एफिडेविट में वर्ष 1957 के एक समझौते का उल्लेख किया गया है। इसमें मस्जिद प्रबंधन और नगर परिषद के बीच हुए समझौते तथा उज्जैन नगर निगम के ड्राफ्ट्समैन द्वारा तैयार किए गए लेआउट प्लान का हवाला दिया गया है।
मुस्लिम पक्ष का कहना है कि इस लेआउट में मस्जिद की सीमाओं और जमीन की स्थिति स्पष्ट की गई थी। इसके बाद मस्जिद के रिकॉर्ड और सरकारी दस्तावेजों में भी इसकी स्थिति दर्ज होती रही।
एफिडेविट में बताया गया है कि दिसंबर 1961 में मस्जिद को औकाफ रजिस्टर में दर्ज किया गया और इसे “मस्जिद मोचियान” नाम से औपचारिक पहचान मिली। इसके बाद वर्ष 1975 के राजस्व रिकॉर्ड में भी मस्जिद की जमीन दर्ज होने का दावा किया गया है। दस्तावेज के मुताबिक राजस्व रिकॉर्ड की एंट्री नंबर 46 में तहसीलदार की ओर से यह स्पष्ट किया गया था कि संपत्ति पर कोई अतिक्रमण नहीं है। इसके बाद 13 सितंबर 1985 को मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड के गजट में भी मस्जिद के पंजीयन का उल्लेख एफिडेविट में किया गया है।
मस्जिद प्रबंधन ने कहा है कि वर्ष 2025 तक मस्जिद राजस्व और नगर निगम के आधिकारिक रिकॉर्ड में 4,665 वर्गफीट क्षेत्रफल के साथ दर्ज है। एफिडेविट में यह भी दावा किया गया है कि अगस्त 2025 में मस्जिद को केंद्र सरकार के यूएमईईडी पोर्टल पर भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत दर्ज कराया गया।
एफिडेविट के मुताबिक 14 अगस्त 2026 को उज्जैन नगर निगम की ओर से मस्जिद प्रबंधन को नोटिस जारी किया गया। इसमें सिंहस्थ-2028 के लिए प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण को लेकर आपत्ति मांगी गई थी। मस्जिद प्रबंधन का दावा है कि नोटिस में निर्धारित समय के भीतर आपत्ति नहीं देने पर एकतरफा कार्रवाई और हटाने की कार्रवाई की चेतावनी दी गई थी। मस्जिद समिति की ओर से 18 अगस्त 2026 को नगर निगम के भवन अधिकारी को जवाब देने का उल्लेख दस्तावेज में है। जवाब के साथ ऐतिहासिक दस्तावेज, गजट नोटिफिकेशन, राजस्व रिकॉर्ड, टैक्स रसीद और 1957 का लेआउट प्लान पेश करने का दावा किया गया है।
एफिडेविट का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा सड़क चौड़ीकरण के वैकल्पिक विकल्पों को लेकर है। मुस्लिम पक्ष का कहना है कि सड़क चौड़ीकरण का उद्देश्य पूरा करने के लिए मस्जिद के हिस्से को हटाना जरूरी नहीं है। इसके लिए दो विकल्प सुझाए गए हैं। पहला विकल्प चत्री चौक गार्डन की उस जमीन का बताया गया है, जो वर्तमान में बंद है। दूसरा विकल्प मस्जिद के ठीक सामने स्थित सैंडल बिल्डिंग की ओर इशारा करता है। एफिडेविट में दावा किया गया है कि यह इमारत सड़क की ओर काफी बाहर निकली हुई है और यदि इस तरफ की जमीन का इस्तेमाल किया जाए तो सड़क चौड़ीकरण का उद्देश्य मस्जिद को नुकसान पहुंचाए बिना हासिल किया जा सकता है। दस्तावेज में यह भी उदाहरण दिया गया है कि सती गेट के आसपास सौंदर्यीकरण के दौरान ऐतिहासिक गेट को बचाने के लिए आसपास की जमीन का इस्तेमाल किया गया था।
मुस्लिम पक्ष ने हाईकोर्ट में यह मुद्दा भी उठाया है कि क्या नगर निगम का मास्टर प्लान पूरी तरह अपरिवर्तनीय है। एफिडेविट में मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 की धारा 12 के तहत मास्टर प्लान में संशोधन की प्रक्रिया का हवाला देते हुए कहा गया है कि परिस्थितियों के अनुसार मास्टर प्लान में बदलाव किया जा सकता है। दस्तावेज में तर्क दिया गया है कि यदि कम नुकसान वाला वैकल्पिक रास्ता उपलब्ध है और उससे सड़क चौड़ीकरण का वही उद्देश्य हासिल हो सकता है, तो ऐतिहासिक और धार्मिक संरचना को नुकसान पहुंचाने वाले रास्ते पर ही चलना जरूरी नहीं है।
एफिडेविट में मस्जिद की करीब 20 फीट ऊंची मीनार और उससे जुड़े प्रार्थना स्थल का उल्लेख किया गया है। मस्जिद प्रबंधन का तर्क है कि यदि मीनार या प्रार्थना स्थल के किसी हिस्से को तोड़ा जाता है तो इसका असर उस हिस्से पर भी पड़ सकता है जिसे बचाया जा रहा है। दस्तावेज में इसे संरचनात्मक नुकसान का मुद्दा बताते हुए कहा गया है कि केवल प्रतिशत के आधार पर यह तय नहीं किया जा सकता कि मस्जिद का कितना हिस्सा हटाया जाएगा।
एफिडेविट में यह भी प्रमुख आधार बनाया गया है कि मस्जिद वक्फ संपत्ति है और इसलिए मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड की भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। मुस्लिम पक्ष का दावा है कि नगर निगम की कार्रवाई से पहले वक्फ बोर्ड को आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया के तहत नोटिस दिया जाना चाहिए था। दस्तावेज में 3 फरवरी 2005 के मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड के एक निर्देश का भी हवाला दिया गया है, जिसमें वक्फ संपत्तियों को बिना वक्फ बोर्ड की अनुमति के ट्रांसफर या उनमें बदलाव नहीं किए जाने की बात कही गई थी।
एफिडेविट में सड़क चौड़ीकरण के विवाद के साथ मस्जिद की प्रबंधन समिति को लेकर हुए घटनाक्रम का भी उल्लेख है। दस्तावेज के मुताबिक 18 अगस्त को नगर निगम को जवाब देने के अगले दिन 19 अगस्त 2026 को मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड ने पुरानी समिति को भंग कर नई समिति गठित कर दी। मस्जिद प्रबंधन की ओर से दावा किया गया है कि यह कार्रवाई बिना पूर्व नोटिस और निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए की गई। इसके बाद 24 सितंबर को नगर निगम में आवेदन देकर आधिकारिक नोटिस सही पते पर भेजे जाने और नई समिति के पदाधिकारी की वैधता पर भी सवाल उठाने की बात एफिडेविट में कही गई है।
मस्जिद प्रबंधन की ओर से दायर दस्तावेज में 9 सितंबर 2026 को सिंगल बेंच द्वारा पारित आदेश को चुनौती दी गई है। अपीलकर्ता का कहना है कि सिंगल बेंच ने उसकी याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद अब इंट्रा-कोर्ट अपील के जरिए मामले को चुनौती दी गई है। मुस्लिम पक्ष ने अपने एफिडेविट में संविधान के अनुच्छेद 25, 26 और 300A समेत कई संवैधानिक अधिकारों का हवाला देते हुए कहा है कि धार्मिक स्थल और वक्फ संपत्ति से जुड़े अधिकारों की रक्षा जरूरी है। साथ ही प्रशासनिक कार्रवाई में प्राकृतिक न्याय और उचित प्रक्रिया का पालन किए जाने की मांग की गई है।
पूरे दस्तावेज का सार यह है कि मस्जिद प्रबंधन सड़क चौड़ीकरण की जरूरत से पूरी तरह इनकार नहीं कर रहा, बल्कि उसका तर्क है कि सिंहस्थ-2028 के लिए सड़क का विकास किया जा सकता है, लेकिन इसके लिए ऐतिहासिक मस्जिद को नुकसान पहुंचाने वाला विकल्प अपनाने के बजाय चत्री चौक गार्डन या मस्जिद के सामने स्थित जमीन जैसे वैकल्पिक विकल्पों पर विचार किया जाए। मस्जिद प्रबंधन ने यह भी दावा किया है कि मस्जिद की जमीन का ऐतिहासिक और राजस्व रिकॉर्ड मौजूद है, संपत्ति वक्फ के रूप में दर्ज है और लंबे समय से सरकारी रिकॉर्ड में उसका क्षेत्रफल 4,665 वर्गफीट दर्ज है।

भोपाल। राजधानी भोपाल में बहुचर्चित फर्जी आईएएस (IAS) तृप्ति सिंह के ठगी और फर्जीवाड़े के मामले में पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में एक नया और चौंकाने वाला मोड़ आया है। जांच के बाद पुलिस ने अयोध्या नगर थाने के टीआई के भाई रोहित लिल्हारे को भी इस मामले में आरोपी बना लिया है और उसके खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
पुलिस की गहराई से चल रही जांच और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) के आधार पर यह खुलासा हुआ है कि फर्जी आईएएस तृप्ति सिंह के कहने पर ही रोहित लिल्हारे ने एक युवती से फोन पर बात की थी। पुलिस जांच में सामने आया है कि युवतियों से फोन पर बात कराने के बाद, तृप्ति सिंह ने रोहित लिल्हारे को भोपाल की विधानसभा से उन दोनों युवतियों के साथ कुछ वीडियो भी भेजे थे। तृप्ति ने रोहित से कहा था कि जिस युवती से उसने फोन पर बात की थी, उसकी नौकरी लग गई है। इस तरह नौकरी के नाम पर बड़े स्तर पर जालसाजी का खेल चल रहा था।
शुरुआती जांच में यह बात भी सामने आई है कि आरोपी रोहित ने फर्जी आईएएस तृप्ति को 40 लाख रुपए दिए थे। यह पूरी बातचीत और लेन-देन वर्ष 2024 से 2025 के बीच का बताया जा रहा है।
फर्जी आईएएस तृप्ति सिंह के इस अंतरराज्यीय या हाई-प्रोफाइल फर्जीवाड़े के नेटवर्क में पुलिस लगातार पर्दाफाश कर रही है। रोहित लिल्हारे का नाम जुड़ने के बाद इस मामले में अब तक कुल 5 आरोपियों को नामजद किया जा चुका है। पुलिस सीडीआर और अन्य साक्ष्यों के आधार पर इस बात की भी जांच कर रही है कि इस फर्जीवाड़े में और कौन-कौन लोग शामिल थे।

गुना।  गुना में मामूली बात पर मारपीट का मामला सामने आया है। गोकुल सिंह चक्क, गुना निवासी विकास पिता रामवीर अहिरवार उम्र 21 साल ने रिपोर्ट दर्ज कराई है।
फरियादी विकास ने बताया कि  शाम करीब 7:00 बजे वह और उसका छोटा भाई सचिन अहिरवार हिलगना रोड के सामने AB रोड किनारे अंडे का ठेला लगाए हुए थे।
तभी कलारी के पास टेंट लगाकर रहने वाले तीन लड़के आए, जिन्हें वह नाम से नहीं जानता। उन्होंने दो आमलेट बनाने को कहा। विकास ने आमलेट बनाकर दे दिए और पैसे मांगे तो तीनों मां-बहन की गंदी-गंदी गालियां देने लगे।
गाली देने से मना करने पर तीनों ने विकास के साथ लात-घूंसों से मारपीट कर दी। जिससे विकास को - दांये हाथ की कोहनी, बांये हाथ की कोहनी के नीचे, सिर में पीछे तरफ, दाहिने पैर की पिंडली व घुटने में मुंदी चोटें आईं।
भाई सचिन के चिल्लाने पर पिता रामवीर अहिरवार आए और दोनों ने बचाया तो आरोपियों ने पिता से भी मारपीट कर दी। पिता को बायें पैर के घुटने के पीछे चोट आई। सचिन को भी दाहिने हाथ की कोहनी में चोट आई।
आरोप है कि तीनों ने आवाज लगाकर अपने अन्य साथियों को भी बुला लिया और मां-बहन की गालियां दीं। मौके पर मां सरोज बाई जसीम खान, वीरू अहिरवार आ गए जिन्होंने पूरी घटना देखी।
पुलिस ने फरियादी की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

देश

मदुरै (तमिलनाडु). मदुरै में सोमवार को मुख्यमंत्री विजय के एक कार्यक्रम के दौरान 15 से अधिक लोग बेहोश हो गए, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया. बताया गया है कि ये लोग तीन घंटे तक धूप में खड़े रहे और मुख्यमंत्री के पहुंचने पर उनमें धक्का-मुक्की हो गई.मुख्यमंत्री विजय सोमवार को ताई मामन गोल्ड रिंग स्कीम लॉन्च करने के लिए मदुरै के दौरे पर थे. इस स्कीम का शुभारंभ करने के बाद उन्होंने सरकारी राजाजी हॉस्पिटल में पात्र बच्चों को सोने की...
More inदेश  

राज्य-शहर

भोपाल। राजधानी भोपाल में बहुचर्चित फर्जी आईएएस (IAS) तृप्ति सिंह के ठगी और फर्जीवाड़े के मामले में पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में एक नया और चौंकाने वाला मोड़ आया है। जांच के बाद पुलिस ने अयोध्या नगर थाने के टीआई के भाई रोहित लिल्हारे को भी इस मामले में आरोपी बना लिया है और उसके खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।पुलिस की गहराई से चल रही जांच और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) के आधार पर यह खुलासा हुआ है कि फर्जी आईएएस तृप्ति...

अपराध

इंदौर। उज्जैन में सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के बीच शाही मस्जिद यानी मस्जिद मोचियान को लेकर सड़क चौड़ीकरण का विवाद अब मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ तक पहुंच गया है। मस्जिद प्रबंधन की ओर से दायर रिट अपील और उसके समर्थन में दिए गए एफिडेविट में मस्जिद की ऐतिहासिकता, वक्फ संपत्ति के दस्तावेज, सड़क चौड़ीकरण की कार्रवाई और वैकल्पिक रास्तों को लेकर कई महत्वपूर्ण दावे किए गए हैं। दस्तावेज में अपीलकर्ता ने 9 सितंबर 2026 के सिंगल बेंच के आदेश को...
More inअपराध  

गुना

गुना।  गुना में मामूली बात पर मारपीट का मामला सामने आया है। गोकुल सिंह चक्क, गुना निवासी विकास पिता रामवीर अहिरवार उम्र 21 साल ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। फरियादी विकास ने बताया कि  शाम करीब 7:00 बजे वह और उसका छोटा भाई सचिन अहिरवार हिलगना रोड के सामने AB रोड किनारे अंडे का ठेला लगाए हुए थे। तभी कलारी के पास टेंट लगाकर रहने वाले तीन लड़के आए, जिन्हें वह नाम से नहीं जानता। उन्होंने दो आमलेट बनाने को कहा। विकास ने आमलेट बनाकर दे दिए और पैसे मांगे तो तीनों मां-बहन की...
More inगुना  

फोटो गैलरी

  • P001.jpg
  • P002.jpg
  • P003.jpg
  • P004.jpg
  • P005.jpg
  • P006.jpg
  • P007.jpg
  • pani-nali.jpg
© 2017 Your Company. All Rights Reserved. Designed By WarpTheme